STORYMIRROR

कविता साइकल hindikavita मकान के पौधे हिन्दीकविता अखबार दूसरों के काम आना इतनी बेखोफी मशीन वो साफ गलीया विरह किरन पत्थर आज भी है.. तनहा शायर हूं इतनी ख़ुशी इतनी बेखोफी इतनी ख़ुशी फूल का इज़हार न कर राशीद

Hindi वो पत्थर के मकान Poems